Rajasthan GK in Hindi part – 12

राजस्‍थान की प्रमुख नदियों का वर्गीकरण

1 अरब सागर की ओर बहने वाली नदियां – लूणी, माही, सोम, जाखम, साबरमती व प बनास
2 गंगा-यमुना दोआब की ओर बहने वाली नदियां – चम्‍बल, बनास, काली सिन्‍ध, कोठारी, खारी, मेज, मोरेल, बाणगंगा और गम्‍भीर
3 आन्‍तरिक प्रवाह वाली नदियां – घग्‍घर, सोता-साहिबी, काकणी, मेढां, खण्‍डेर, कांटली नदी

राज्‍य की प्रमुख नदियों की लम्‍बाई

1 माही नदी – 576 किमी
2 लूणी नदी – 320 किमी
3 चम्‍बल नदी – 966 किमी
4 बाणगंगा नदी – 380 किमी
5 कोठारी नदी – 145 किमी

राजस्‍थान की झीलों का वर्गीकरण

1 मीठे पानी की झीलें – जयसमंद, राजसमंद, पिछोला, आनासागर, फतेहसागर, उदयसागर, उम्‍मेदसागर, फांयसागर, गैब सागर, सिलीसेढ, कोलायत, पुष्‍कर, बालसमन्‍द, नक्‍की व नवलखा आदि
2 खारे पानी की झीलें – सांभर, पचपद्रा, डीडवाना, फलौदी, कावोद, लूणकरणसर, कछेर व तालछापर

राजस्‍थान में वर्षा जल संग्रहण के उपाय

1 टांका – ये सामान्‍यत चूना, ईंट, पत्‍थर से मकानों के तलघर में बने हुए छोटे हौज होते है, यह पानी पीने के काम लिया जाता है
2 खङीन – मरूस्‍थली भागों में यह एक मंद ढाल वाला ढालू मैदान होता है, पानी सूखने के बाद इसकी दलदली मिट्टी मे रबी की फसल बोई जाती है
3 बाबङियां – बावङियों का निर्माण गांवों या शहरों के समीप किया जाता है जिनमें वर्षा का पानी इकट्ठा होता रहता है,
4 नाडी – ये छोटे-छोटे कच्‍चे तालाब होते हे तथा गांव के बाहर निचले किनारे पर बनाये जाते है
5 सागर व तालाब – इनके जल का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है

राजस्‍थान के प्रमुख जल प्रपात

1 चूलिया जल प्रपात – चम्‍बल नदी
2 भीमताल जल प्रपात – मांगली नदी

राजस्‍थान की नदियों के उपनाम
1 चम्‍बल नदी – उप नाम कामधेनु, चर्मण्‍वती
2 बाणगंगा – अर्जुन की गंगा
3 बनास – वन की आशा
4 घग्‍घर – म़त नदी
5 माही – बागङ की गंगा