पोषक तत्व तथा प्राप्ति के स्रोत Nutrients and Sources of Acquisition

कार्बोहाइड्रेट्स

कार्बोहाइड्रेट्स, कार्बनिक पदार्थ हैं, जिसमें कार्बन, हाइड्रोजन व आक्सीजन होते है। इसमें हाइड्रोजन व आक्सीजन का अनुपात जल के समान होता है। कुछ कार्बोहाइड्रेट्स सजीवों के शरीर के रचनात्मक तत्वों का निर्माण करते हैं जैसे कि सेल्यूलोज, हेमीसेल्यूलोज, काइटिन तथा पेक्टिन। जबकि कुछ कार्बोहाइड्रेट्स उर्जा प्रदान करते हैं, जैसे कि मण्ड, शर्करा, ग्लूकोज़, ग्लाइकोजेन. कार्बोहाइड्रेट्स स्वाद में मीठा होते हैं। यह शरीर मे शक्ति उत्पन्न करने का प्रमुख स्रोत है। जो हमे सभी प्रकार के अनाज, बिस्कुट, चीनी, गुड, मुरब्बा, मिठाइयां आदि से प्राप्त होते है|

वसा

वसा अर्थात चिकनाई शरीर को क्रियाशील बनाए रखने में सहयोग करती है। वसा शरीर के लिए उपयोगी है, किंतु इसकी अधिकता हानिकारक भी हो सकती है। यह मांस तथा वनस्पति समूह दोनों प्रकार से प्राप्त होती है। इससे शरीर को दैनिक कार्यों के लिए शक्ति प्राप्त होती है। इसको शक्तिदायक ईंधन भी कहा जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए 100 ग्राम चिकनाई का प्रयोग करना आवश्यक है। इसको पचाने में शरीर को काफ़ी समय लगता है। जो हमे घी, मक्खन, मछली, वनस्पति, तेल, बादाम, काजू, अखरोट, चर्बी, आदि से प्राप्त होते है|

प्रोटीन

प्रोटीन एक कार्बनिक पदार्थ है जिसका गठन कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन एवं नाइट्रोजन तत्वों के अणुओं से मिलकर होता है। कुछ प्रोटीन में इन तत्वों के अतिरिक्त आंशिक रूप से गंधक, जस्ता, ताँबा तथा फास्फोरस भी उपस्थित होता है। जो हमे दूध से बने भोज्य पदार्थ, पालक, सलाद, सब्जियां, पनीर, मछली आदि से प्राप्त होते है|

खनिज लवण

आहारीय खनिज वे खनिज होते हैं, जो आहार के संग शरीर को मिलते हैं एवं पोषण करने में सहायक होते हैं। शरीर के लिए पांच महत्त्वपूर्ण तत्त्व कैल्शियम, मैग्नेशियम, फ़ास्फ़ोरस, पोटाशियम और सोडियम बहुत आवश्यक होते हैं। जो हमे दूध, अंडे, दही, पालक, सलाद, सब्जियां, पनीर, मछली, आदि से प्राप्त होते है|

जल

जल या पानी एक आम रासायनिक पदार्थ है जिसका अणु दो हाइड्रोजन परमाणु और एक ऑक्सीजन परमाणु से बना होता है| जल सभी प्राणियों के जीवन का आधार है| पीने का शुद्ध जल वर्षा झरने भूमिगत स्रोत फलों आदि से प्राप्त होता है| इसका सूत्र H2O होता है|

  1. विटामिन -B1(थायमिन)

स्त्रोत – चावल का छिलका, मटर के बीज आदि।

कमी से होने वाले रोग

लगातार पोलिस चावल खाने से B1 की कमी हो जाती है जिससे बेरी-बेरी रोग हो सकता है।

  1. विटामिन -B2 (राइबोप्लेविन)

स्त्रोत – दूध, फल, अनाज, यकृत।

कमी से होने वाले रोग

मुह में छाले होने लगते हैं।

  1. विटामिन -B3 (नियासिन)

स्त्रोत – चावल की भूसी, शकरकंद, यकृत

कमी से होने वाले रोग

पेलेग्रा रोग व मानसिक रोग होने लगते हैं। बाल सफेद होने लगते हैं।

  1. विटामिन -B5 (पेंटोथेनिक)

स्त्रोत – अंकुरिकत अनाज, हरी सब्जियां, यकृत

कमी से होने वाले रोग

डायरिया, डिमेंशन, डर्मेटाइटिस

  1. विटामिन -B6 (पाइरीडॅाक्सीन)

स्त्रोत – साबुत अनाज, अण्डा

कमी से होने वाले रोग

एनीमिया(खुन की कमी) हो जाता है।

  1. विटामिन -B9 (फोलिक अम्ल)

स्त्रोत – हरी सब्जीयां, सोयाबीन, यकृत

कमी से होने वाले रोग

छाले, अल्सर

7.विटामिन -B12 (सायनोकोबाल्मीन)

स्त्रोत – दुध, अण्डा, यकृत

कमी से होने वाले रोग

यह विटामिन RBC को परिपक्व करता है इसलिए इसकी कमी से RBC की संख्या घट जाती है व आकार बढ़ जाता है जिससे पर्नीसियस एनीमिया नामक रोग हो जाता है। इसमें कोबाल्ट धातु पायी जाती है।