भारत और कृषि India and Agriculture

भारत की अर्थव्यवस्थ में कृषि की अहम् भूमिका है| 2011 की जनगणना के अनुसार देश की आबादी का लगभग 55 प्रतिशत कृषि और इससे जुडी गतिविधियों में लगा है| और देश के सकल मूल्य संवर्धन में इसकी हिस्सेदारी 17.4 प्रतिशत है| कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए भारत सरकार ने इसके सतत विकास हेतु कई कदम उठाए है| जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना के माध्यम से पानी की बढ़ी हुई क्षमता तथा सिंचाई के लिए उपयोग में सुधार करने, परंपरागत कृषि विकाश योजना ( पी के वी वाई ) द्वारा जैविक खेती को समर्थन और किसानों की आय में वृद्धि हेतु एकीकृत राष्ट्रीय कृषि बाजार के सृजन को समर्थन जैसे कई कदम उठाए गए है|

उत्पादन

कम वर्षा और बमौसम वर्षा तथा ओलावृष्टि के कारण वर्ष 2014-15 में कृषि उत्पादन का अनुपात वर्ष 2013-14 के आकड़ों की तुलना में कम है| चौथे अग्रिम अनुमानों के अनुसार देश में चावल के कुल उत्पादन का अनुपात 1048 लाख टन है, जो वर्ष 2013-14 के उत्पादन से 18.5 लाख टन कम है| गेंहू का उत्पादन भी 88.94 लाख टन है, जो वर्ष 2013-14 के उत्पादन 958.5 लाख टन रिकॉर्ड उत्पादन से कम है|

किसानों के लिय राष्ट्रीय निति और मुख्य कार्य

भारत सरकार न्र किसानों के लिय राष्ट्रिय नीती ( एन पी एफ ) का अनुमोदन किया| इस नीती के प्रावधानों में जमीन, जल, पशुधन, मत्स्य क्षेत्रों तथा जैव संसाधनों संबंधि संपत्ती सुधारों, सीमांत प्रौधोगिकियों के अनुप्रयोग जैसे समर्थन सेवाएं और निवेश, कृषि संबंधी जैव सुरक्षा पद्धतियों, अच्छी गुणवत्ता के बीज और रोगमुक्त पौधरोपण सामग्री की आपूर्ति, ग्रामीण ऊर्जा हेतु एकीकृत दृष्टिकोण आदि शामिल है| ( एन पी एफ ) के संचालन हेतु कार्ययोजना की प्रगति की देखभाल के लिए एक अंतर मंत्रालय समिति भी गठित की गई है|

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ( पी एम के एस वाई )

इस योजना का अनुमोदन 50,000 करोड़ रूपये की लागत के साथ 5 वर्षो ( 2015-16 से 2019-20) की अवधि हेतु किया गया है| इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर सिंचाई में निवेशों को समन्वित करना, सिचाई सुविधा वाले कृषि क्षेत्र का विस्तार करना है|पानी के अपव्यय कम करने और खेतो में उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग, सटीक सिंचाई और अन्य पानी बचाने वाली प्रौधोगिकियों का विकाश करना|

किसान क्रेडिट कार्ड

किसान क्रेडिट कार्ड योजना ( के.सी.सी. ) पुरे देश में संचलित है, और इसका क्रियान्वयन वाणिज्यिक बैंकों, सहायक बैंकों और ग्रामीण बैंकों द्वारा किया जा रहा है| इस योजना से किसानों को उनकी आवश्यकताओं हेतु ऋण दिया जाता है| केसीसी योजना को सरलीकृत कर इसे एटीएम सक्षम डेबिट कार्ड के रूप में बदला गया है|जिससे सिविर लगाकर भुगतान की जरूरत नहीं होती तथा बिचौलियों द्वारा किसानों का शोषण नहीं होता है|

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद

भारत सरकार के कृषि और कृषक कल्याण मंत्रालय के कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के अंतर्गत गठित स्वायत्त संस्था भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में कृषि अनुसंधान और शिक्षा का कार्य किया जाता है| देशभर में परिषद के 109 संस्थान, 78 अखिल भारतीय समन्वित परियोजना, 642 कृषि विज्ञान केन्द्र, 71 राज्य कृषि चिकित्सा, बागवानी मत्स्य विश्वविधालय और कृषि संकाय के साथ चार सामान्य विश्वविद्यालय है|

कृषि शिक्षा

उच्चतर कृषि शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता को बनाए रखने और उन्नयन हेतु उत्कृष्टता के 28 आला क्षेत्र, प्रायोगिक ज्ञान की 21 इकाइयों हेतु आर्थिक समर्थन दिया गया है|साथ ही पुस्तकालयों का विकास तथा मल्टी मिडिया लर्निग संसाधनों समेत शिक्षण का आधुनिकीकरण किया गया| प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से फैकल्टी का क्षमता निर्माण, एवं कृषि के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है|