भारत भूमि और उसके निवासी Land of India and its inhabitants

भारत

विश्व  में भारत मानव जाति का पालना, मानव भाषा की जन्मस्थली, इतिहास की जननी, पौराणिक कथाओं की दादी और परंपरा की परदादी रहा है। मानव इतिहास में हमारी सर्वाधिक मूल्यवान और सर्वाधिक शिक्षाप्रद सामग्री का खजाना केवल भारत में निहित है।

भारत एक बेजोड़ संस्कृति वाला देश है। भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,263    वर्ग किलोमीटर है। आकार की दृष्टि से भारत विश्व में सातवें स्थान पर एवं जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है।

भारत का अक्षांशीय विस्तार करीब  3,214  किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम की तरफ देशांतर  विस्तार करीब 2,933 किलोमीटर है। इसकी स्थलीय सीमा करीब 15,200 किलोमीटर है। मुख्य भूमि लक्षद्वीप समूह और अंडमान निकोबार द्वीप समूह सहित तट रेखा की कुल लम्बाई 7,516.6  किलोमीटर है।

प्राकृतिक पृष्ठभूमि

भारत की सीमा उत्तर पश्चिम में अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान, उत्तर में चीन, भूटान तथा नेपाल, सुदूर पुर्व में म्यामां और पूर्व में बांग्लादेश से लगती है। देश को मुख्य रूप से 6 अंचलों, उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी, पश्चिमी, मध्यवर्ती और पूर्वोत्तर अंचल में वर्गीकृत किया जा सकता है। यहा 29 राज्य और 7 केंद्रशासित प्रदेश है।

प्राकृतिक संरचना

संरचना के आधार पर  भारत भूमि को  मुख्य चार भागों में बांटा गया है। विशाल हिमालय क्षेत्र, गंगा और सिंधू के मैदानी भाग, रेगिस्थान क्षेत्र और दक्षिणी प्रायद्वीप में बती है।

हिमालय में उपजाऊ घाटियां प्राकृतक सौंदर्य से भरपूर है। हिमालय की ये पर्वतमाला करीब 2,400 किली मीटर में फैली है। जो अलग अलग स्थानों पर 240 से 320 किलोमीटर तक चौड़ी है। इन पर्वतमालाओं में विश्व की सबसे उंची चोटियां स्थित है। दिल्ली में यमुना और बंगाल की खाड़ी के बीच करीब 1,600 किलोमीटर क्षेत्र की ऊंचाई में केवल 200 मीटर का डाल है।

भौगोलिक संरचना

भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रूप से भौतिक विशेषताओं का अनुसरण करता है। इसे तीन क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, हिमालय और उससे जुडी पर्वतमालाओं का समूह, सिंधू गंगा का मैदान और प्रायद्वीपीय ढाल।

नदी प्रणालियां

भारतीय नदी प्रणाली को चार भागों में विभक्त किया गया है, हिमालयी नदियों, दक्षिणी नदियां, तटवर्ती नदियां, अंतरदेशीय बरसाती नदियों में विभक्त किया गया है। हिमालय नदियां बर्फ और हिमनदों के पिघलने से बनती है। और इसीलिय यर वर्षभर निरंतर बहती रहती है। बाकि ज्यादातर नदिया वर्षा पर निर्भर करती है।

वनस्पति

भारत वनस्पति की दृष्टी से अत्यंत समृद्ध है कोलकाता में स्थित भारतीय वनस्पति विज्ञानं सर्वेक्षण के अनुसार भारत में 46,000 पादप प्रजातीय पाई जाती है। यहाँ उत्कृष्ट वानस्पतियों की लगभग 15,000 किस्में पाई जाती है। उपलब्ध आंकड़ो के अनुसार पादप विविधता की दृष्टि से भारत का विश्व में 10 और एशिया में चौथा स्थान है।

जनसंख्या

भारत की जनसंख्या 1 मार्च 2011 को 121.09 करोड़ थी 62.32 करोड़ पुरुष 58.75 करोड़ महिला है भारत का जनसंख्या घनत्व 2011 में 382 प्रति वर्ग किलोमीटर था। विश्व की सतह के 13.579 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में भारत की हिस्सेदारी मात्र 2.4 प्रतिशत है।

लिंग अनुपात

एक हजार पुरुष की तुलना में महिलाओं की संख्या को लीन अनुपात कहते है।

साक्षरता

2011 की जनगणना के प्रयोजन के लिए 7 वर्ष और ऊपर की आयु के ऐसे व्यक्ति को साक्षर समझा गया है,जो किसी भी भाषा को पढ़ने और लिखने सक्षम हो। ऐसा व्यक्ति जो पढ़ सकता है लिख नहीं सकता, को साक्षर नहीं माना जाता है।

2011 की जनगणना के परिणामों से पता चलता है की देश में साक्षारता में वृध्दि हुई है।देश की साक्षरता 73 प्रतिशत है। जिसमें 80.9 प्रतिशत पुरुष तथा 64.6 महिला है। 94 प्रतिशत साक्षरता के साथ केरल प्रथम स्थान एवं 91.9 प्रतिशत लक्षद्वीप दुसरे स्थान पर है। साक्षरता में बिहार अंतिम स्थान पर जहा 61.8 प्रतिशत है। 96.1 प्रतिशत पुरुष साक्षर और 92.1 प्रतिशत महिला साक्षरता के साथ केरल प्रथम स्थान और इसके विपरीत बिहार में 71.2 प्रतिशत पुरुष 51.5 प्रतिशत महिला साक्षरता दर है जो अंतिम स्थान पर है।