मुस्लिम समाज के त्यौहार Festivals of Muslim society

1 मोहर्रम

यह मुसलमानों के हिजरी सन का पहला महिना है| इस माह में हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने सत्य और इंसाफ के लिए जुल्म और सितम से लड़ते हुए कर्बला के मैदान में शहादत पाई थी लेकिन धर्म विरोधियों के आगे सिर नहीं झुकाया था|उसी की याद में मोहर्रम मनाया जाता है| इस दिन ताजिया निकले जाते है| इन ताजियों को कर्बला के मैदान में दफनाया जाता है|

2 ईद उल मिलादुलनबी(बारावफात, रबी उल अव्वल)

यह त्यौहार पैगम्बर हजरत मोहम्मद के जन्म दिन की याद में मनाया जाता है| मोहम्मद साहब का जन्म 570 ई. में मक्का(सऊदी अरब) में हुआ था| इस दिन जगह जगह जुलुस निकले जाते है| व हजरत मोहम्मद की जीवनी व शिक्षाओं पर प्रकाश डाला जाता है, व विशेष प्रार्थनाएं की जाता है|

3 ईद उल फितर(मीठी ईद)

इसे सिवैयों की ईद भी कहा जाता है| ईद शब्द का अर्थ ख़ुशी या हर्ष होता है| मुस्लिम बन्धु रमजान के पवित्र माह में 30 रोज तक रोजे अदा करने के बाद शुक्रिया के तौर पर इस त्यौहार को मनाते है| ईदगाह में सामूहिक नमाज अदा करने के बाद सभी एक दुसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते है| मीठी सिवैयां व् अन्य पकवान बनाकर खिलाये जाते है| यह भाई चारे का त्यौहार है|

4 इदुलजुहा(बकरा ईद)

यह क़ुरबानी का त्यौहार है जो पैगम्बर हजरत इब्राहीम द्वारा अपने लड़के हजरत इस्माइल की अल्लह को क़ुर्बानी देने की स्मृति में मनाया जाता है|इस दिन मुस्लमान प्रतीक के रूप में बकरे की क़ुर्बानी देते है| इदुलजुहा के माह में ही मुस्लमान हज करते है|

5 शबेरात

यह त्यौहार शाबान माह की 14वीं तारीख को मनाया जाता है| यह माना जाता है, की इस दिन हजरत मुहम्मद साहब की आकाश में अल्लाह से मुलाकात हुई थी| इस दिन मुसलमान भाई अपनी भूलों व् पापों की माफ़ी के लिए खुदा से प्रार्थना करते है|

6 शबे-कद्र

यह माना जाता है, की इस दिन कुरान शरीफ को उतारा गया था| यह रमजान की 27वीं तारीख को मनाया जाता है|

7 चेहल्लुम

यह मोहर्रम के चलिस दिनों बाद सफर मास की बीसवीं तारीख को मनाया जाता है|