Rajasthan GK October 2017

Important Rajasthan GK (Current GK) Questions and answer Oct. 2017 in Hindi.

  1.  चीन में विनिर्माण कारखाना स्थापित करने के लिए किस कंपनी ने समझौता किया है?
    A. टेस्ला B. फोर्ड C. टोयोटा D.जनरल मोटर्स
    Exp.: टेस्ला एक अमेरिकी ऑटोमेकर, ऊर्जा भंडारण और सौर पैनल निर्माता है जो कि पालो ऑल्टो, कैलिफोर्निया में स्थित है। 2003 में स्थापित यह कंपनी इलेक्ट्रिक कारों, लिथियम आयन बैटरी ऊर्जा भंडारण और फोटोवोल्टिक पैनलों का निर्माण करती है।
  2. भारत ने किस देश के साथ गैस-तेल सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं?
    A. बांग्लादेश B. नेपाल C. भूटान D.जापान
    Exp.: द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को ढाका पहुंची भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मौजूदगी में बांग्लादेश पेट्रोलियम कार्पोरेशन (बीपीसी) और नुमलिगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के बीच सौदा हुआ ।
  3. संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है?
    A. 20 अक्टूबर को B. 22 अक्टूबर को C. 24 अक्टूबर को D.26 अक्टूबर को
    Exp.: संयुक्त राष्ट्र दिवस विश्व प्रतिवर्ष 24 अक्टूबर को लोगों को संयुक्त राष्ट्र संस्थान के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी देने हेतु मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ हुई।
  4. सर्वश्रेष्ठ फीफा पुरुष खिलाड़ी 2017 पुरस्कार किसे प्रदान किया गया है?
    A. क्रिस्टियानो रोनाल्डो B. लिओनेल मेस्सी C. नैमार D.टोनी क्रूस
    Exp.: Full winners at The Best FIFA Football Awards Best FIFA Men’s Player: Cristiano Ronaldo (Real Madrid) Best FIFA Women’s Player: Lieke Martens (Rosengård, Barcelona) Best FIFA Men’s Coach: Zinédine Zidane (Real Madrid) Best FIFA Women’s Coach: Sarina Wiegman (Netherlands) Best FIFA Goalkeeper: Gianluigi Buffon (Juventus)
  5. डॉ. ओ.पी. यादव को बीकानेर में आयोजित एक राष्ट्रीय कृषि प्रौद्योगिकी सम्मेलन में स्वामी केशवानन्द राष्ट्रीय कृषि पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे किस चैनल में न्यूज़ संपादक हैं?
    A. आज तक B. एन डी टी वी C. जी न्यूज़ D.डी डी न्यूज़
    Exp.: जयपुर निवासी एवं डीडी न्यूज नई दिल्ली में संपादक के पद पर कार्यरत डॉ. ओ.पी. यादव को बीकानेर में आयोजित एक राष्ट्रीय कृषि प्रौद्योगिकी सम्मेलन में स्वामी केशवानन्द राष्ट्रीय कृषि पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  6. आसियान इंडिया म्यूज़िक फेस्टिवल 2017 के द म्यूजिक स्टेज का आयोजन जवाहर कला केंद्र में हुआ, यह कहाँ स्थित है?
    A. उदयपुर B. जयपुर C. जोधपुर D.कोटा
    Exp.: जवाहर कला केन्द्र में 9 अक्टूबर को आसियान इंडिया म्यूज़िक फेस्टिवल के द म्यूजिक स्टेज की शुरूआत हुई। यह फेस्टिवल आसियान एवं भारत के परस्पर संवाद सम्बंधों की 25वीं वर्षगांठ का सांस्कृतिक उत्सव है|
  7. राजस्थान के किस शहर में 11 अक्टूबर 2017 को एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया?
    A. किशनगढ़ B. करौली C. भीलवाड़ा D.राजसमंद
    Exp.: मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे एवं केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री श्री जयंत सिन्हा ने आज, 11 अक्टूबर 2017 को अजमेर जिले में किशनगढ़ एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। उल्लेखनीय है कि किशनगढ़ एयरपोर्ट की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वर्ष 2013 में रखी थी
  8. संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए राजस्थान के किस सांसद को मनोनीत किया गया है?
    A. अर्जुनलाल मीणा B. गजेंद्र सिंह शेखावत C. संतोष अहलावत D.पी पी चौधरी
    Exp.: झुंझुनू से सांसद श्रीमती संतोष अहलावत को 72वें संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन (11 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2017 तक अमेरिका) में भारत का प्रतिनिधित्व करने का जिम्मा सौपा गया| Ans.c
  9. देश की प्रथम आनलाइन प्रस्ताव लेने वाली विधानसभा कौनसी है?
    A. राजस्थान B. गुजरात C. महाराष्ट्र D.आंध्र प्रदेश
  10.  बेस्ट टूरिज़्म फिल्म की श्रेणी में राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2015-16 से किस राज्य को सम्मानित किया गया है?
    A. गुजरात पर्यटन B. महाराष्ट्र पर्यटन C. राजस्थान पर्यटन D.केरल पर्यटन
    Exp.: नई दिल्ली में विज्ञान भवन में 27 अक्टूबर, 2017 को आयोजित राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2015-16 में भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने बेस्ट टूरिज़्म फिल्म की श्रेणी के तहत राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार के साथ राजस्थान पर्यटन को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार पर्यटन राज्य मंत्री राजस्थान सरकार श्रीमती कृष्णेंद्र कौर (दीपा) द्वारा प्राप्त किया गया|
  11. ग्राम 2017 (ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट, 7 से 9 नवम्बर) का आयोजन करने वाला शहर है?
    A. जयपुर B. उदयपुर C. जोधपुर D.अलवर
    Exp.: डिवीजन स्तरीय ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 7 से 9 नवंबर तक उदयपुर में महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा| मेगा कृषि प्रौद्योगिकी कार्यक्रम में वीडियो एरिना, कृषि स्टार्ट-अप, स्मार्ट फार्म, कॉन्फ्रेंस, प्रदर्शनी आदि के लिए विशेष मंडप होगा। ग्राम उदयपुर संयुक्त रूप से राजस्थान सरकार और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) द्वारा आयोजित किया जाएगा।
  12. बीते दिनों भाजपा सांसद चाँद नाथ का निधन हो गया, वे किस लोकसभा क्षेत्र के सांसदथे?
    A. अजमेर लोक सभा B. अलवर लोकसभा C. भरतपुर लोकसभा D.दौसा लोकसभा क्षेत्र
    Exp.: अलवर से भाजपा सांसद और रोहतक के बाबा मस्तनाथ मठ के अध्यक्ष चाँद नाथ योगी का निधन 16 सितंबर, 2017 को नई दिल्ली में हुआ। वे 61 वर्ष के थे। महंत ने कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को हराने के बाद 2014 के संसदीय चुनाव में अलवर सीट जीती थी। Ans.a
  13. मध्यावधि चुनाव में ………… के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शानदार जीत हासिल की है|
    A. चीन B. रूस C. जापान D.दक्षिण कोरिया
    Exp.: जापान में अक्टूबर 2017 में हुए मध्यावधि चुनाव में प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शानदार जीत हासिल की है| आबे के एलडीएफ नेतृत्व वाले गठबंधन को संसद के निचले सदन में दो तिहाई बहुमत मिल गया है|
  14. लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना ने लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराई है, इनमे सबसे भारी विमान है?
    A. हरक्यूलिस C130J B. जगुआर C. मिराज-2000 D.सुखोई 30
    Exp.: लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों की एक्सरसाइज चल रही है. हरक्यूलिस C130J ने एक्सप्रेसवे पर सबसे पहले लैंडिंग की. इसके बाद सुखोई, मिराज, जगुआर के आने का सिलसिला जारी है. भारतीय वायुसेना यहअभ्यास इसलिए कर रही है ताकि किसी आपात स्थिति में इसी तरह एयरस्ट्रिप का इस्तेमाल कर भारतीय लड़ाकू जेट लैंड कर सकें या फिर उड़ान भर सकें.
  15. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 24अक्टूबर 2017 को एक ई-बुक, इंडिया 2017 इयर बुक लांच की है, इस पुस्तक के लेखक/संकलन कर्ता हैं?
    A. राजीव महर्षि B. संजय दीक्षित C. ओ.पी. मीणा D.नरेश पाल गंगवार
    Exp.: इंडिया 2017 इयर बुक मुख्य नियंत्रक व लेखा परीक्षक (CAG) राजीव महर्षि द्वारा संकलित ई-बुक है| राजीव महर्षि पूर्व में केन्द्रीय गृह सचिव रह चुके हैं|

Rajasthan Police Bharti 2017

Govt. of Rajasthan is going to recruit 5500 Constables in Rajasthan Police. Recently Rajasthan Police recruitment advertisement is being published at http://www.police.rajasthan.gov.in/Recruitment.aspx

Rajasthan Police Online form and recruitment dates are-

Rajasthan Police Constable 2017 Notification Declaration Date 18th October 2017
Starting Date to fill Online Registration Form / Application Form 23rd October 2017
Last Date to fill Online Registration Form / Application Form 21st November 2017
Rajasthan Police Constable 2017 Admit Card Declaration Date Update Soon
Rajasthan Police Constable 2017 Exam Date Update Soon

You may find deatails of Rajasthan Police Bharti at
http://www.police.rajasthan.gov.in/PoliceUser/UploadUtility/RecruitmentFiles/Recruitment18102017171356.pdf

Link to Online apply for RP

www.exampolice.rajasthan.gov.in

District Wise Posts of Rajasathan Police Constable

Prajamandal Movement

क्रम संख्या प्रजामंडल का नाम स्थापना वर्ष विशेष विवरण
1 जयपुर प्रजामंडल 1931, 1936-37 कर्पुरचंद पाटनी की अध्यक्षता में सर्वप्रथम 1931 में गठित लेकिन मृत प्राय रहा,चिरंजीलाल मिश्रा की अध्यक्षता में पुनर्गठित |1938 में जमनालाल बजाज अध्यक्ष बने,1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन में भाग नहीं लेने वाला प्रजामंडल,जेंटिलमेंस एग्रीमेंट –सितम्बर 1942 में ज्यूर के प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल व हीरालाल शास्त्री के मध्य,आजाद मोर्चा-भारत छोड़ो आन्दोलन में प्रजामंडल की निष्क्रियता से असंतुष्ट होकर बाबा हरिश्चन्द्र,रामकरण जोशी,दौलत भंडारी,हंस राय द्वारा गठित सन्गठन जिसका 1945 में प्रजामंडल में विलय हो गया|
2. (a)मारवाड़ प्रजामंडल (जोधपुर प्रजामंडल)

 

 

(b)नागरिक अधिकार रक्षक सभा

 

 

(c)मारवाड़ लोक परिषद

1934

 

1936

 

16 मई 1938

भंवरलाल सर्राफ ,अभयमल जैन व अचलेश्वर प्रसाद के प्रयासों से गठित

जनवरी 1938 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने जोधपुर आकर मारवाड़ प्रजामंडल को नई प्रेरणा दी|

10 मार्च 1936 को उत्तरदायी शासन की स्थिति का अध्ययन करने हेतु जवाहरलाल नेहरु ने जोधपुर की यात्रा की ,जोधपुर प्रजामंडल को गैर कानूनी घोषित करने पर नागरिक अधिकार रक्षक सभा नाम से नया सन्गठन बनाया|

नागरिक अधिकार रक्षक सभा को गैर कानूनी घोषित करने पर 16 मई 1938 को रणछोड़ दास गट्टानी की अध्यक्षता में मारवाड़ लोक परिषद का गठन किया|

3. मेवाड़ प्रजामंडल 24 अप्रैल 1938 माणिक्य लाल वर्मा के प्रयासों से स्थापित |

अध्यक्ष-बलवंत सिंह मेहता,उपाध्यक्ष-भूरेलाल बया,महामंत्री-माणिक्यलाल वर्मा बने|

नवम्बर 1941 को प्रथम अधिवेशन माणिक्य लाल वर्मा की अध्यक्षता में उदयपुर में हुआ,जिसमे आचार्य जे.बी.कृपलानी व विजय लक्ष्मी पंडित ने भाग लिया|

माणिक्यलाल वर्मा ने अजमेर में मेवाड़ का वर्तमान शासन नामक पुस्तिका प्रकाशित कर मेवाड़ में कुशासन की पोल खोल दी|

4. (a)बीकानेर प्रजामंडल

 

 

(b)बीकानेर राज्य प्रजा परिषद

1936

 

 

 

22 जुलाई 1942

प. मघाराम वैद्य की अध्यक्षता में गठित जिसमे भिक्षालाल बोहरा,सुरेन्द्र कुमार शर्मा,शेराराम,लक्ष्मनदास सहयोगी रहे|

बीकानेर नरेश गंगासिंह ने मघाराम को रियासत से निष्कासित कर दिया|

रघुवर दयाल गोयल  द्वारा स्थापित

5. (a)भरतपुर प्रजामंडल

 

 

 

(b)भरतपुर प्रजा परिषद

दिसम्बर 1938

 

 

 

 

25 अक्टूबर 1939

किशनलाल जोशी के प्रयासों से गोपीलाल यादव की अध्यक्षता में गठित|

साम्यवादी नेता एम.एन.राय की अध्यक्षता में भरतपुर प्रजामंडल ने फतेहपुर सीकरी में पूर्वी राजस्थान की जनता का सम्मेलन आयोजित करवाया|

सत्याग्रह आन्दोलन के पश्चात 25 अक्टूबर 1939 को राज्य सरकार और प्रजामंडल के मध्य एक समझोता हुआ,जिसमे प्रजामंडल का नाम बदलकर भरतपुर प्रजा परिषद करने पर मान्यता दी गई|

6. (a) हाडौती प्रजामंडल

 

(b) कोटा प्रजामंडल

1934

 

 

1939

प. नयनूराम शर्मा द्वारा स्थापना की गई,लेकिन मृतप्राय हो गई|

 

नयनूराम शर्मा व अभिन्न हरी ने मिलकर कोटा प्रजामंडल की स्थापना की|

7. (a)बूंदी प्रजामंडल

(b)बूंदी राज्य लोक परिषद

1931

19जुलाई 1944

कांतिलाल चौथाणी द्वारा गठित

हरिमोहन माथुर व बृजसुंदर शर्मा द्वारा गठित |

8. अलवर प्रजामंडल 1938 हरिमोहन शर्मा व कुंजबिहारी मोदी के प्रयासों से गठित

सरकारी पाठशालाओं में फ़ीस वृद्धि का विरोध करने पर स्कूल शिक्षक भोलानाथ को राज द्रोहात्म्क प्रवृतियों के कारण राजकीय सेवा से पृथक किया|

1940 में द्वितीय विश्व युद्ध के लिए चंदा वसूलने का प्रजामंडल का विरोध |

9. करौली प्रजामंडल अप्रैल 1939 राज्य सेवक संघ के अध्यक्ष त्रिलोक चंद माथुर की अध्यक्षता में प्रजामंडल का गठन
10. धौलपुर प्रजामंडल 1938 ज्वाला प्रसाद जिज्ञासु व जौहरीलाल इंदु के प्रयासों से गठित |इन दोनों ने 1934 में धौलपुर नागरो प्रचारिणी सभा की स्थापना की|
11. सिरोही प्रजामंडल 23 जनवरी 1939 गोकुल भाई भट्ट द्वारा 1939 में स्थापना|सिरोही प्रजामंडल के तत्वाधान में हुई सार्वजनिक सभा में लाठीचार्ज में अनेक लोग घायल हुए|इस घटना पर महात्मा गांधी ने हरिजन सेवक नामक समाचार पत्र में टिप्पणी की|
12. शाहपुरा प्रजामंडल 18 अप्रैल 1938 मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना हेतु साईकिल भ्रमण पर निकले माणिक्यलाल वर्मा की प्रेरणा से रमेश चंद्र ओझा,लादूराम व्यास,अभय सिंह डांगी द्वारा स्थापना की गई|
13. (a)जैसलमेर प्रजामंडल

(b)जैसलमेर राज्य लोक परिषद

(c)जैसलमेर राज्य प्रजा परिषद

15 दिसम्बर 1945 मीठालाल व्यास द्वारा जोधपुर में स्थापित

जैसलमेर प्रजामंडल को असफल बनाने हेतु सामन्ती तत्वों द्वारा गठित संस्था

1939 में शिव शंकर गोपा द्वारा गठित

14. कुशलगढ़ प्रजामंडल अप्रैल 1942 भंवरलाल निगम की अध्यक्षता में गठित |
15. किशनगढ़ प्रजामंडल 1939 कांतिलाल चौथाणी के प्रयत्नों से जमाल शाह की अध्यक्षता में गठित|
16. झालावाड प्रजामंडल 25 नवम्बर 1946 मांगीलाल भव्य की अध्यक्षता में गठित |इस प्रजामंडल को राजघराने का पूर्ण सहयोग प्राप्त था|
17. डूंगरपुर प्रजामंडल 1 अगस्त 1944 भिगिलाल पंडया व शिवलाल कोटडिया द्वारा स्थापित|इसके द्वारा प्रयाण सभाएं आयोजित की गई जो रियासती शासन की अन्यायपूर्ण नीतियों के विरुद्ध जनता को जगाने का कार्य करती थी|
18. बांसवाडा प्रजामंडल 1943 भुपेंद्र्लाल त्रिवेदी,धुलजी भाई व मणिशंकर नागर द्वारा स्थापित
19. (a)प्रतापगढ़ प्रजामंडल

(b)प्रतापगढ़ स्टेट्स पीपुल्स कांफ्रेंस

1945

1945

चुन्नीलाल व अमृतलाल के प्रयासों से गठित |

पड़ोसी रियासत के कार्यकर्ताओं द्वारा गठित |

 

1857 Ki Kranti

1857 की क्रांति:                                                         –

1857 तक भारत में ब्रिटिश सरकार के 100 वर्ष पूरे हो गये थे,इस दौरान ब्रिटिश शासन के विरुद्ध असंतोष के कारण अधिकांश विद्रोह हुए|जबकि किसानों ने भू-राजस्व नीति के कारण विद्रोह किए|इनमे से प्रमुख थे-

वेल्लोर विद्रोह-(1806)-यह विद्रोह भारतीय सैनिको ने अंग्रेजो द्वारा उनके सामाजिक,धार्मिक रीति रिवाजो में हस्तक्षेप के कारण किया|

बैरकपुर विद्रोह (1824)-47 वी रेजीमेंट ने बर्मा में सेवा देने से मना कर दिया|

1849 में सांतवी बंगाल कैवलरी ,64वी. रेजीमेंट और 22 वी रेजीमेंट का विद्रोह|

1850 में 66 वी.NI व 1852 में 38 वी NI का विद्रोह|

1857 में होने वाला सैनिक विद्रोह भारत में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सर्वाधिक शक्तिशाली विद्रोह था.जिसने स्वतंत्रता आन्दिलं का रूप धारण कर लिया था|

विद्रोह के कारण –

1857 में हुए विद्रोह का सर्वप्रमुख व तात्कालिक कारण सैनिको को चर्बीयुक्त कारतूस उपयोग करने के लिए दिया जाना था,इसके अलावा विद्रोह का कारण भारतीय सैनिको व जनता में अंग्रेजो के प्रति काफी असंतोष था जो धीरे-धीरे अंदर ही जमा हो रहा था,बस इसे एक चिंगारी की आवश्यकता थी जो चर्बी वाले कारतूसों ने प्रदान कर दी|इस विद्रोह के समय बारत के गवर्नर जनरल लार्ड कैनिंग थे|जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री लार्ड पामर्स्टन थे|

1857 की क्रांति की पृष्ठभूमि में निम्नलिखित कारण विद्यमान थे-

1.राजनैतिक कारण –क्रांति के राजनैतिक कारणों में दो प्रमुख कारण थे-a-वेलेजली की सहायक सन्धियाँ  b. डलहौजी की व्यपगत नीतियाँ

व्यपगत नीति अथवा राज्य हडप नीति के तहत भारतीय राज्यों का तीन श्रेनियो वर्गीकरण किया गया|व्यपगत नीति के अनुसार जिस रियासत के राजा के कोई सन्तान नही होगी उसके राज्य को राजा की मृत्यु के बाद अंग्रेजी साम्राज्य में मिला लिया जाएगा|राजा की विधवा को पुत्र गोद लेने का अधिकार नही था|इस नीति के तहत डलहौजी ने सतारा(1848),जैतपुर,सम्भलपुर(1849),बघाट(1850),उदयपुर (1852),झांसी(1853),नागपुर(1854) को अंग्रेजी साम्राज्य में मिला लिया|

डलहौजी द्वारा राजस्थान की करौली रियासत को अंग्रेजी साम्राज्य में मिलाये जाने को कोर्ट आफ डायरेक्टर्स ने यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि करौली संरक्षित मित्र है न किआश्रित राज्य|इसी प्रकार उदयपुर और बघाट के विलय के सम्बन्ध में लिए गये डलहौजी के निर्णय को लार्ड कैनिंग ने निरस्त कर दिया|

डलहौजी ने अवध को कुशासन का आरोप लगाकर हडप लिया था|

पेशवा बाजीराव द्वितीय की मृत्यु के बाद उसके पुत्र नाना साहेब की पेंशन को डलहौजी ने बंद कर दिया|क्योंकि वह पेंशन  निजी रूप से बाजीराव द्वितीय को दी गई थी ना कि पेशवा को|

डलहौजी ने कर्नाटक व तंजौर के नवाबो की राजकीय उपाधियाँ जब्त कर ली|

लार्ड डलहौजी ने 1849 में घोषणा की कि मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारी शहजादे को मुगल महल (लाल किला) छोड़ना पड़ेगा तथा उसे कुतुबमीनार के पास एक छोटे से महान में रहना होगा|1856 में कैनिंग ने यह घोषणा की कि बहादुर शाह की मृत्यु के बाद मुगलों से सम्राट की पदवी छीन ली जायेगीं|और वे सिर्फ राजा कहलायेंगे|इन सभी कारणों से राजाओं व जनता में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आक्रोश व्याप्त हो गया था|

2.प्रशासनिक कारण – भारतीयों को प्रशासन में उच्च पदों से वंचित कर दिया गया|कोई भी भारतीय सेना में सूबेदार से ऊँचे पद पर नहीं पहुंच सकता था|न्यायिक क्षेत्र में भी अंग्रेजो को भारतीयों से श्रेष्ठ दर्जा दिया गया|

3.सामाजिक व धार्मिक कारण :- रुढ़िवादी भारतीयों ने सामाजिक सुधारों का विरोध किया|साथ ही ईसाईं मिशनरियों को 1813 के चार्टर एक्ट द्वारा भारत में धर्म प्रचार की अनुमति मिल गई|उन्होंने धर्मांतरण के प्रयास किये|इसने भी भारतीयों को नाराज कर दिया|

1850 में धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम संख्या-21 द्वारा ईसाई धर्म ग्रहण करने वाले लोगों को पैत्रक सम्पत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता था|इससे लोगों को यह लगने लगा कि भारत को ईसाईं देश बनाने की कोशिश की जा रही हैं|

  1. आर्थिक कारण –अंग्रेजो की आर्थिक नीतियों के कारण भारत के उद्योग व व्यापार नष्ट होने लगे थे |इसके अलावा मनमाना लगान व कठोर भू-राजस्व नीति के कारण लोगों के आर्थिक उत्पीडन ने असंतोष को जन्म दिया|जिससे विद्रोह की भूमिका तैयार होने लगी|

  2. सैनिक कारण –भारतीयों को समुन्द्र पार जाने पर दिया जाने वाला भत्ता बंद कर दिया गया|तथा 1854 के डाकघर अधिनियम द्वारा सैनिको को दी जाने वाली नि:शुल्क डाक सुविधा समाप्त कर दी गई|

विद्रोह की योजना व आरम्भ :-इस क्रांति के मुख्य योजनाकार नाना साहब व अजीमुल्ला खां व रानोजी बापू को माना जाता है| इन्होने 31 मई को क्रांति शुरू करने का दिन चुना था|तथा इसके प्रतिक के रूप में कमल का फूल व रोटी को चुना गया|कमल का फूल विद्रोह में शामिल होने वाली सभी सैनिक टुकड़ियों में पहुचायाँ गया|रोटी को एक गाँव का चौकीदार दूसरे गाँव के चौकीदार तक पहुचाता था|

चर्बी वाले कारतूसो के प्रयोग के विरुद्ध पहली घटना कलकत्ता के पास बैरकपुर छावनी में 29 मार्च 1857 को घटी,जब 34 वी नेटिव इन्फेंट्री रेजिमेंट के एक सिपाही मंगल पांडे ने चर्बी वाले कारतूसो के प्रयोग से नमा करते हुए लेफ्टिनेंट बाग़ व सार्जेंट मेजर ह्रुसन की हत्या कर दी|

मंगल पांडे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (वर्तमान बलिया)जिले का रहने वाला था,इस घटना के आरोप में 8 अप्रैल 1857 को मंगल पांडे को फांसी डे दी गई|

10 मई 1857 को मेरठ छावनी में 20 वी एन.आई. के पैदल सैनिको ने चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग से इनकार कर विद्रोह कर दिया|और अपने बंदी साथियों को मुक्त कराकर दिल्ली प्रस्थान किया|

12 मई को विद्रोहियों ने दिल्ली पर कब्जा कर बहादुर शाह जफर को भारत का बादशाह व विद्रोह का नेता घोषित कर दिया|

4 जून को झांसी में राजा गंगाधर राव की विधवा रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व में विद्रोह की शुरुआत हुई|झांसी के पतन के बाद रानी ग्वालियर की ओर चली गई|17 जून 1858 को अंग्रेज जनरल हौरोज से लडती हुई शहीद हो गई|इस पर जनरल ने कहा कि भारतीय क्रांतिकारियों में यहाँ सोई हुई औरत अकेली मर्द है|

ग्वालियर में तांत्या टोपे ने विद्रोह का नेतृत्व किया|ये नाना साहब का सेनापति भी थे|ये ग्वालियर के पतन के बाद राजस्थान भी आये|इनको अप्रैल 1859 में इनके मित्र ने विश्वास घात करके पकडवा दिया और इनको 18 अप्रैल को फांसी डे दी गई|

पंजाब में नामधारी सिखों ने सशस्त्र विद्रोह किया|जबकि बरेली में कहां बहादुर खान व हरियाणा में राव तुलाराम ने क्रांति का नेतृत्व किया|

लखनऊ में बेगम हजरत महल के नेतृत्व में 4 जून 1857 को विद्रोह की शुरुआत हुई|भारतीय सैनिको ने लखनऊ के ब्रिटिश रेजीडेंसी को घेरकर अवध के चीफ कमिश्नर हेनरी लारेंस की हत्या कर दी|

21 मार्च 1858 को कालिन कैम्पबेल ने जंग बहादुर के नेतृत्व में गोरखा रेजिमेंट की सहायता से लखनऊ पुन: जीता |बेगम हजरत महल पराजित होने पर नेपाल चली गई व गुमनामी में ही मर गई|

कानपुर में विद्रोह की शुरुआत 5 जून 1857 को नाना साहब के नेतृत्व में हुई|तात्यां टोपे ने उनकी सहायता की|16 दिसम्बर 1857 को कैम्पबेल का कानपुर पर अधिकार हो गया|नाना साहब भी पराजित होकर नेपाल चले गये|

जगदीशपुर (बिहार) में कुंवर सिंह ने विद्रोह किया|युद्ध में जख्मी हो जाने के बाद 26 अप्रैल 1858 को उनकी मृत्यु हो गई|

फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्ला ने विद्रोह का नेतृत्व किया जबकि बरेली में खान बहादुर खान ने नेतृत्व किया|

दिल्ली में अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह ने बख्त खां के सहयोग से नेतृत्व किया|20 सितम्बर 1857 को ले.हडसन ने बादशाह को हुमायु के मकबरे से गिरफ्तार कर लिया और उनको  उनकी बेगम के साथ रंगून भेज दिया|जहां 7 नवम्बर 1862 को उनकी मृत्यु हो गई|

दक्षिणी भारत,पंजाब,बंगाल,राजस्थान व महाराष्ट्र के अधिकांश भाग विद्रोह से अलग रहे|यहाँ के जमीदारों ने शासको के विरुद्ध होने वाले विद्रोह को कुचलने में अंग्रेजो की मदद की|

विद्रोह की असफलता के कारण –

1.विद्रोहियों के पास योग्य व कुशल नेतृत्व की कमी थी जबकि अंग्रेज सेनापति अधिक कुशल थे|

2.विद्रोह करने का अलग-अलग समय व सीमित क्षेत्र

3.शिक्षित व मध्यम वर्ग व व्यापारियों ने भी विद्रोहियों का साथ नही दिया

4.विद्रिहियो के पास सुनियोजित योजना व भविष्य का कोई दृष्टिकोण नही था|

विभिन्न विचारको के विचार –

रीज ने इसे कट्टरपंथीयों का ईसाईंयत के विरुद्ध संग्राम कहा|

डा.ताराचंद ने राष्ट्रीय विप्लव कहा|

टी.आर. होम्स ने सभ्यता और बर्बरता के मध्य संघर्ष कहा|

वी.डी.सावरकर ने भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा|

अशोक मेहता ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए सुनियोजित संग्राम कहा|

डा.रमेश मजूमदार ने अनुसार तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय संग्राम न तो पहला ही,न ही राष्ट्रीय तथा न ही स्वतंत्रता संग्राम था |
 

भारत भूमि और उसके निवासी Land of India and its inhabitants

भारत

विश्व  में भारत मानव जाति का पालना, मानव भाषा की जन्मस्थली, इतिहास की जननी, पौराणिक कथाओं की दादी और परंपरा की परदादी रहा है| मानव इतिहास में हमारी सर्वाधिक मूल्यवान और सर्वाधिक शिक्षाप्रद सामग्री का खजाना केवल भारत में निहित है|

भारत एक बेजोड़ संस्कृति वाला देश है| भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,263    वर्ग किलोमीटर है| आकार की दृष्टि से भारत विश्व में सातवें स्थान पर एवं जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है|

भारत का अक्षांशीय विस्तार करीब  3,214  किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम की तरफ देशांतर  विस्तार करीब 2,933 किलोमीटर है| इसकी स्थलीय सीमा करीब 15,200 किलोमीटर है| मुख्य भूमि लक्षद्वीप समूह और अंडमान निकोबार द्वीप समूह सहित तट रेखा की कुल लम्बाई 7,516.6  किलोमीटर है|

प्राकृतिक पृष्ठभूमि

भारत की सीमा उत्तर पश्चिम में अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान, उत्तर में चीन, भूटान तथा नेपाल, सुदूर पुर्व में म्यामां और पूर्व में बांग्लादेश से लगती है| देश को मुख्य रूप से 6 अंचलों, उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी, पश्चिमी, मध्यवर्ती और पूर्वोत्तर अंचल में वर्गीकृत किया जा सकता है| यहा 29 राज्य और 7 केंद्रशासित प्रदेश है|

प्राकृतिक संरचना

संरचना के आधार पर  भारत भूमि को  मुख्य चार भागों में बांटा गया है| विशाल हिमालय क्षेत्र, गंगा और सिंधू के मैदानी भाग, रेगिस्थान क्षेत्र और दक्षिणी प्रायद्वीप में बती है|

हिमालय में उपजाऊ घाटियां प्राकृतक सौंदर्य से भरपूर है| हिमालय की ये पर्वतमाला करीब 2,400 किली मीटर में फैली है| जो अलग अलग स्थानों पर 240 से 320 किलोमीटर तक चौड़ी है| इन पर्वतमालाओं में विश्व की सबसे उंची चोटियां स्थित है| दिल्ली में यमुना और बंगाल की खाड़ी के बीच करीब 1,600 किलोमीटर क्षेत्र की ऊंचाई में केवल 200 मीटर का डाल है|

भौगोलिक संरचना

भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रूप से भौतिक विशेषताओं का अनुसरण करता है| इसे तीन क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, हिमालय और उससे जुडी पर्वतमालाओं का समूह, सिंधू गंगा का मैदान और प्रायद्वीपीय ढाल|

नदी प्रणालियां

भारतीय नदी प्रणाली को चार भागों में विभक्त किया गया है, हिमालयी नदियों, दक्षिणी नदियां, तटवर्ती नदियां, अंतरदेशीय बरसाती नदियों में विभक्त किया गया है| हिमालय नदियां बर्फ और हिमनदों के पिघलने से बनती है| और इसीलिय यर वर्षभर निरंतर बहती रहती है| बाकि ज्यादातर नदिया वर्षा पर निर्भर करती है|

वनस्पति

भारत वनस्पति की दृष्टी से अत्यंत समृद्ध है कोलकाता में स्थित भारतीय वनस्पति विज्ञानं सर्वेक्षण के अनुसार भारत में 46,000 पादप प्रजातीय पाई जाती है| यहाँ उत्कृष्ट वानस्पतियों की लगभग 15,000 किस्में पाई जाती है| उपलब्ध आंकड़ो के अनुसार पादप विविधता की दृष्टि से भारत का विश्व में 10 और एशिया में चौथा स्थान है|

जनसंख्या

भारत की जनसंख्या 1 मार्च 2011 को 121.09 करोड़ थी 62.32 करोड़ पुरुष 58.75 करोड़ महिला है भारत का जनसंख्या घनत्व 2011 में 382 प्रति वर्ग किलोमीटर था| विश्व की सतह के 13.579 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में भारत की हिस्सेदारी मात्र 2.4 प्रतिशत है|

लिंग अनुपात

एक हजार पुरुष की तुलना में महिलाओं की संख्या को लीन अनुपात कहते है|

साक्षरता

2011 की जनगणना के प्रयोजन के लिए 7 वर्ष और ऊपर की आयु के ऐसे व्यक्ति को साक्षर समझा गया है,जो किसी भी भाषा को पढ़ने और लिखने सक्षम हो| ऐसा व्यक्ति जो पढ़ सकता है लिख नहीं सकता, को साक्षर नहीं माना जाता है|

2011 की जनगणना के परिणामों से पता चलता है की देश में साक्षारता में वृध्दि हुई है|देश की साक्षरता 73 प्रतिशत है| जिसमें 80.9 प्रतिशत पुरुष तथा 64.6 महिला है| 94 प्रतिशत साक्षरता के साथ केरल प्रथम स्थान एवं 91.9 प्रतिशत लक्षद्वीप दुसरे स्थान पर है| साक्षरता में बिहार अंतिम स्थान पर जहा 61.8 प्रतिशत है| 96.1 प्रतिशत पुरुष साक्षर और 92.1 प्रतिशत महिला साक्षरता के साथ केरल प्रथम स्थान और इसके विपरीत बिहार में 71.2 प्रतिशत पुरुष 51.5 प्रतिशत महिला साक्षरता दर है जो अंतिम स्थान पर है|       

भारतीय राष्ट्रीय प्रतीक Indian national symbol

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा National flag tiranga

भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है, जिसमें समानांतर तीन रंगों की पट्टीयां होती है| सबसे ऊपर वाली गहरी केसरिया पट्टी होती है मध्य में सफेद और सबसे नीचे गहरी हरे रंग की पट्टी होती है| ध्वज की लम्बाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होता है| सफेद पट्टी के केंद्र में एक गहरे नीले रंग का चक्र होता है, जिसका प्रारूप सम्राट अशोक के सारनाथ स्थित सिंह स्तंभ पर बने चक्र की तर्ज पर बनाया गया है| इसका व्यास सफेद पट्टी की चौड़ाई के समान है| और इसमें 24 तिल्लियां होती है| भारत की संविधान सभा ने राष्ट्र ध्वज के प्रारूप को 22 जुलाई, 1947 को अपनाया|

सरकार द्वारा समय समय पर जारी गैर सांविधिक अनुदेशों के अतिरिक्त राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन पर राजचिन्हों और नामों के दुरूपयोग की रोकथाम अधिनियम 1950 ( 1950 का 12वां) और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 ( 1971 का 69वां ) की व्यवस्थाएं लागु होंगी|

राजचिन्ह

भारत का राजचिन्ह सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ की अनुकृति है| मूल स्तंभ में शीर्ष 4 सिंह है, जो एक दूसरे की और पीठ किए हुए है| इसके नीचे घंटे के आकार के पदम के उपर एक चित्र वल्लरी में एक हाथी, चौकड़ी भरता हुआ एक घोडा, एक सांप तथा एक सिंह की उभरी हुई मुर्तियां है| जिनके बीच बीच में चक्र बने हुए है| चिकने बलुआ पत्थर के एकल ब्लोक को काटकर बनाए गए इस स्तंभ पर धर्मचक्र सुशोभोदित है|

भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी, 1950 को अपनाए गए  राजचिन्ह में केवल 3 सिंह दिखाई पढ़ते थे पट्टी के मध्य में नक्काशी में चक्र है| जिसके दाई और एक सांड और बाई और एक घोडा है| दाएं और बाएं छोरों पर अन्य चक्रों के किनारे है| घंटाकार पदम छोड़ दिया गया है| फलक के नीचे मुंडकोपनिषद का सूत्र सत्यमेव जयते देवनागरी लिपि में अंकित है| जिसका अर्थ है – सत्य की ही विजय होती है|

भारत के राजचिन्ह का उपयोग भारत के राजकीय ( अनुचित उपयोग निषेध ) अधिनियम, 2005 के तहत नियंत्रित होता है|

राष्ट्रीयगान

रविन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा मूल रूप से बांग्ला में रचित और संगीतबद्ध जन गण मण के हिंदी संस्करण को संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगान के रूप में 24 जनवरी, 1950 को अपनाया था| यह सर्वप्रथम 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गाया गया था| पुरे गीत में 5 पद है| प्रथम पद राष्ट्रीयगान का पूरा पाठ है जो इस प्रकार है:

जन गण मण अधिनायक जय हे

भारत भाग्य विधता|

पंजाब सिन्धगुजरात मराठा

द्राविड उत्कल बंग

विंध्य हिमाचल यमुना गंगा

उच्छल जलधि तरंग|

तब शुभ नामे जागे, तब शुभ आशीष मांगे

गाहे तब जय गाथा|

जन गण मंगलदायक जय हे

 भारत भाग्य विधाता|

जय हे, जय हे, जय हे,

जय जय जय जय हे|

राष्ट्रीगान के गायन की अवधि लगभग 52 सेकेण्ड होती है| कुभ अवसरों पर राष्ट्रीगान को संक्षिप्त रूप में गाया जाता है|जिसमे इसकी प्रथम और अंतिम पंक्तियों ( गाने का समय लगभग 20 सेकेण्ड  ) होती है|

राष्ट्रीयगीत

बंकिमचंद्र चटर्जी ने संस्कृत में वन्दे मातरम् गीत की रचना की, जिसे जन गण मन के समान दर्जा प्राप्त है| यह गीत स्वतंत्रता संग्राम में जन जन का प्रेरणा स्रोत था| यह गीत पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था| इसका प्रथम पद इस प्रकार है|

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!

सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,

शस्यश्यामलाम्, मातरम्!

शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,

फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,

सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,

सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥

राष्ट्रीय पंचांग

ग्रिगेरियन कैलेंडर के साथ साथ देशभर के लिए शक संवत् पर आधारित एकरूप राष्ट्रीय पंचांग, जिसका पहला महीना चैत्र है और सामान्य वर्ष 365 दिन का होता है| 22 मार्च 1957 को इन्हें सरकारी उद्देश्यों के लिए अपनाया गया|

(1) भारत का राजपत्र,

(2) आकाशवाणी के समाचार प्रसारण,

(3) भारत सरकार द्वारा जारी किए गए कैलेंडर और भारत सरकार द्वारा नागरिकों को संबोधित पत्र

राष्ट्रीय पंचांग और ग्रिगेयन कैंलेंडर की तारीखों में स्थाई सादृश्य है| चैत्र का पहला दिन सामान्यत: 22 मार्च को और अधिवर्ष में 21 मार्च को पड़ता है|

राजस्थान की आधारभूत जानकारिया Basic information on Rajasthan

राजस्थान का इतिहास

क्षेत्रफल की दृष्टी से राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है| आजदी से पहले यह क्षेत्र राजपुताना या राजपूत एक योद्धा समुदाय कहलाता था| राजस्थान का इतिहास प्रागैतिहासिक कल से शुरू होता है|ईसा पूर्व 3,000 से 1,000 के बीच यंहा की सांस्कृति सिंधु घाटी सभ्यता जैसी थी| सातवीं शताब्दी में यहां चौहान राजपूतों का प्रभुत्व बढने लगा और बारहवीं शताब्दी तक उन्होंने साम्राज्य स्थापित कर लिया था|चौहान के बाद इस योद्धाजाति का नेतृत्व मेवाड़ के गहलोतों ने संभाला| मेवाड़ के अलावा जो अन्य रियासतें ऐतिहासिक दृष्टि से प्रमुख रही है| मारवाड़, जयपुर, बूंदी, कोटा, भरतपुर, और अलवर आदि| इसकी सीमा पश्चिम में पाकिस्तान, दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश, उत्तर में पंजाब (भारत), उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा है। राज्य का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग कि॰मी॰ (1,32,139 वर्ग मील) है। 2011 की गणना के अनुसार राजस्थान की साक्षरता दर 66.11% हैं।

राजस्थान में पर्यटन

जयपुर राज्य की राजधानी है। भौगोलिक विशेषताओं में पश्चिम में थार मरुस्थल और घग्गर नदी का अंतिम छोर है। विश्व की पुरातन श्रेणियों में प्रमुख अरावली श्रेणी राजस्थान की एक मात्र पर्वत श्रेणी है, जो कि पर्यटन का केन्द्र है, माउंट आबू और विश्वविख्यात दिलवाड़ा मंदिर सम्मिलित करती है। पूर्वी राजस्थान में दो बाघ अभयारण्य, रणथम्भौर एवं सरिस्का हैं और भरतपुर के समीप केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान है, जो सुदूर साइबेरिया से आने वाले सारसों और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रजाति के अनेकानेक पक्षियों के संरक्षित-आवास के रूप में विकसित किया गया है|

राजस्थान देशीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यकटों, दोनों के लिए एक उचित पर्यटन स्थल है। भारत की पर्यटन करने वाला हर तीसरा विदेशी सैलानी राजस्थान देखने ज़रूर आता है| क्योंकि यह भारत आने वाले पर्यटकों के लिए गोल्डन ट्रायंगल का हिस्सा है। जयपुर के महल, उदयपुर की झीलें और जोधपुर, बीकानेर तथा जैसलमेर के भव्य दुर्ग भारतीय और विदेशी सैलानोयों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक हैं। इन प्रसिद्ध स्थलों को देखने के लिए यहां हज़ारों पर्यटक आते हैं। जयपुर का हवामहल, जोधपुर, बीकानेर के धोरे काफी प्रसिद्ध हैं। जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग ,चित्तौड़गढ़ दुर्ग काफी प्रसिद्ध है। यहां राजस्थान में कई पुरानी हवेलियाँ भी है जो वर्तमान में हैरीटेज होटलें बन चुकी हैं।

भौगोलिक विशेषताओं में पश्चिम में थार मरुस्थल और घग्गर नदी का अंतिम छोर है। विश्व की पुरातन श्रेणियों में प्रमुख अरावली श्रेणी राजस्थान का कुल क्षेत्रफल 3 लाख 42 हजार 2 सौ 39 वर्ग कि.मी. है। जो की देश का 10.41 प्रतिशत है। राजस्थान में देश का 11 प्रतिशत क्षेत्र कृषि योग्य भूमि है और राज्य में 50 प्रतिशत सकल सिंचित क्षेत्र है जबकि 30 प्रतिशत शुद्ध सिंचित क्षेत्र है।

राजस्थान में कृषि

राजस्थान का 60 प्रतिशत क्षेत्र मरूस्थल और 10 प्रतिशत क्षेत्र पर्वतीय है। अतः कृषि कार्य संपन्न नहीं हो पाता है और मरूस्थलीय भूमि सिंचाई के साधनों का अभाव पाया जाता है। अधिकांश खेती राज्य में वर्षा पर निर्भर होने के कारण राज्य में कृषि को मानसून का जुआ कहा जाता है। राज्य की खेती को निम्न तीन नामों से जाना जाता है| रबी, खरीफ, जायद

रबी

रबी की फसल की बुआई अक्टूबर, नवम्बर में की जाती है तथा फरवरी मार्च में कटाई की जाती है| इसकी मुख्य फसल निम्न है| गेहूं जौ, चना, सरसो, मसूर, मटर, अलसी, तारामीरा, सूरजमुखी, रबी को उनालू भी कहा जाता है।

खरीफ

खरीफ की फसल की बुआई जून, जुलाई में की जाती है तथा सितम्बर-अक्टूबर में कटाई की जाती है| इसकी मुख्य फसल निम्न है| बाजरा, ज्वार, मूंगफली, कपास, मक्का, गन्ना, सोयाबीन, चावल आदि। खरीफ को स्यालु/सावणु कहा जाता है|

जायद

जायद की फसल की बुआई मार्च-अप्रेल में की जाती है तथा जून-जुलाई में कटाई की जाती है| इसकी मुख्य फसल निम्न है| खरबूजे, तरबूज ककडी आदि|

राजस्थान के खनिज व उद्योग

राजस्थान सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होने के साथ-साथ खनिजों के मामले में भी समृद्ध रहा है और अब वह देश के औद्योगिक परिदृश्य में भी तेजी से उभर रहा है। राज्य के प्रमुख केंद्रीय प्रतिष्ठानों में देबारी (उदयपुर) में जस्ता गलाने का संयंत्र, खेतड़ी (झुंझुनू) में तांबा परियोजना और कोटा में सूक्ष्म उपकरणों का कारख़ाना शामिल है।राजस्थान के मुख्य उद्योग हैं वस्त्र, ऊनी कपडे, चीनी, सीमेंट, काँच, सोडियम संयंत्र, ऑक्सीजन, वनस्पति, रंग, कीटनाशक, जस्ता, उर्वरक, रेल के डिब्बे, बॉल बियरिंग, पानी व बिजली के मीटर, टेलीवीजन सेट, सल्फ्यूरिक एसिड, सिंथेटिक धागे तथा तापरोधी ईंटें आदि। बहुमूल्य और कम मूल्य के रत्नों के अलावा कास्टिक सोडा, कैलशियम कार्बाइड, नाइलोन तथा टायर आदि अन्य महत्त्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयां हैं। राज्य में जिंक कंसंट्रेट, पन्ना, गार्नेट, जिप्सम, खनिज, चांदी, एस्बेस्टस, फैल्सपार तथा अभ्रक के प्रचुर भंडार हैं। राज्य में नमक, रॉक फास्फेट, मारबल तथा लाल पत्थर भी काफ़ी मात्रा में मिलता है। सीतापुर (जयपुर) में देश पहला निर्यात संवर्द्धन पार्क बनाया गया है भारत के सांद्रित जस्ता, सीसा, पन्ना व गार्नेट का संपूर्ण उत्पादन राजस्थान में ही होता है। देश में जिप्सम व चांदी अयस्क उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत भाग राजस्थान में होता है। राज्य को विद्युत आपूर्ति पड़ोसी राज्यों व चबंल घाटी परियोजना से होती है।

राजस्थान के प्रमुख त्यौहार

राजस्थान मेलों और उत्सवों की धरती है| राजस्थान में होली, दिपावली, रक्षा बन्धन, दशहरा, नववर्ष, गणगौर, आदि त्यौहार मनाय जाते है| राजस्थान के त्यौहारों की Trick दि गयी है|

त्यौहार

Trick तिथि
श्रावणी/छोटी तीज सासु श्रावण शुक्ला तीज
रक्षा बन्धन श्रावण पूर्णिमा
बड़ी तीज, सातुड़ी, कजली तीज BK भाद्र कृष्ण तीज
कृष्ण जन्माष्टमी BK भाद्र कृष्ण – 8
गोगानवमी BK भाद्र कृष्ण – 9
बछबारस BK भाद्र कृष्ण – 12
गणेश चतुर्थी बॅास(गणेश बॅास) भाद्र शुक्ला – 4
ऋषि पंचमी बॅास(ऋषि बॅास) भाद्र शुक्ला – 5
राधाष्टमी बॅास(कृष्ण की बॅास) भाद्र शुक्ला – 8
दुर्गाष्टमी दुर्गा सबको‘आशीष‘ आश्विन शुक्ल – 8
दशहरा रावण के ‘आंसू‘ आश्विन शुक्ल – 10
शरद पूर्णिमा AC(complete) आश्विन पूर्णिमा
करवा चौथ केक कार्तिक कृष्ण – 4
धनतेरस केक कार्तिक कृष्ण – 13
दिपावली राम‘कार मां‘ कार्तिक अमावस
देव उठनी ग्यारस देव उठे ‘काशी‘ में कार्तिक शुक्ला – 11
बसन्त पंचमी बसन्ती है तो ‘मौसी‘ है मागशीर्ष शुक्ला – 5
श्विरात्रि व्रत ‘फाका‘ फाल्गुन कृष्ण – 13
होली फुल पानी मां फाल्गुन पूर्णीमा
धुलंडी ‘चौक‘ में खेलो चैत्र कृष्ण – 1
शीतलाष्टमी ‘चौक‘ में मनाते हैं चैत्र कृष्ण – 8
नववर्ष चैन सुकुन चैत्र शुक्ला – 1
गणगौर ‘चुस्ती‘ का त्यौहार चैत्र शुक्ला तीज
रामनवमी चैन सुकून चैत्र शुक्ला – 9
आखातीज ‘विसिल‘ बजाते हैं वैसाख शुक्ला – 3
निर्जला ग्यारस पानी नहीं जूस जेष्ठ शुक्ला – 11
गुरू पूर्णिमा आप आषाढ़ पूर्णिमा
नाग पंचमी नाग पर ‘श्री कृष्ण‘ श्रावण कृष्ण – 5
घुड़ला रूपये नहीं ‘चेक‘ दे दो चैत्र कृष्ण – 8
हरियाली अमावस ‘शाम‘ को श्रावण अमावस
जलझुलनी ग्यारस जल में ‘भैंस‘

भाद्र शुक्ला – 11

भारतीय राजनीतिक संरचना Indian political structure

राज्यों का संघ भारत, धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य है| जिसमें शासन की संसदीय प्रणाली है| गणराज्य 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा स्वीकृत और 26, जनवरी 1950 को लागु संविधान की व्यवस्थाओं के अनुसार प्रशासित किया गया|

संविधान में विधायी शक्तियां संसद एवं राज्य विधानसभाओं में विभजित है| तथा शेष शक्तियां संसद को प्राप्त है| संविधान में संशोधन का अधिकार भी भी संसद को प्राप्त है| संविधान में न्यायपालिका, भारत के नियंत्रण तथा महालेखा पारीक्षक , लोक सेवा आयोगों और मुख्य निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता  बनाए रखने के लिए प्रावधान है|

केंद्र और उसके क्षेत्र

भारत में 29 राज्य और सात केंद्रशासित प्रदेश है| ये राज्य निम्न है: आंध्र प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटका, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडू, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश, और पश्चिम बंगाल|

केन्द्रशासित प्रदेश: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, लक्षद्वीप तथा पुद्दुचेरी|

नागरिकता

संविधान में संपूर्ण भारत में एक समान नागरिकता की व्यवस्था की गई है, ऐसा प्रत्येक व्यक्ति भारत का नागरिक मन गया है, जो संविधान लागू होने के दिन 26 जनवरी, 1950 से स्थाई रूप से भारत में रहता हो, जो भारत में पैदा हुआ हो, जिसके माता पिता में से किसी एक का जन्म भारत में हुआ हो, जो सामान्यता कम से कम पांच साल से भारत क्षेत्र में रहता हो| नागरिक अधिनियम, 1955 में संविधान लागू होने के पश्चात नागरिकता ग्रहण करने, निर्धारित करने के संबंध में प्रावधान किए गए है|

मौलिक अधिकार

संविधान में सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से बुनयादी स्वतंत्रता की व्यवस्था की गई है| संविधान में मोटे तौर पर छः प्रकार की स्वतंत्रता की मौलिक अधिकारों के रूप में गारंटी डी गई है, जिसकी सुरक्षा के लिए न्यायालय की शरण लि जा सकती है| संविधान के तीसरे भाग, अनुछेद-12 से 35 तक, में मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है| ये मौलिक अधिकार निम्न है:-

1.समानता का अधिकार: कानून के समक्ष समानता, धर्म, वंश, जाती, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध और रोजगार के लिए समान अवसर|

2.विचारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति का अधिकार: सम्मेलन करना, संस्था या केंद्र बनाने, देश में सर्वत्र आने जाने, भारत के किसी भी भाग में रहने तथा कोई रोजगार या व्यवस्था करने का अधिकार (इनमें से कुछ अधिकारों को देश की सुरक्षा, विदेशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, लोक व्यवस्था, शिष्टता या नैतिकता में सीमित किया गया है)

  1. शोषण से रक्षा का अधिकार: इसके अंतर्गत सभी प्रकार की बेगार, बालश्रम और व्यक्तियों के क्रय विक्रय करने का निषेध किया जाता है|
  2. अंतःकरण की प्रेरणा तथा धर्म को निर्बाध रुप से मनाने, उसके अनुरूप आचरण करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता का अधिकार|
  3. नागरिकों के किसी भी वर्ग को अपनी संस्कृति, भाषा और लिपि को संरक्षित करने तथा अल्पसंख्यकों द्वारा पसंद की शिक्षा ग्रहण करने एवं शिक्षा संस्थानों की स्थापना करने का अधिकार|
  4. मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए संवैधानिक उपायों का अधिकार|

मौलिक कर्तव्य

1976 में पारित संविधान में 42 वें संशोधन के अंतर्गत, नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का भी उल्लेख किया गया है| यह कर्तव्य संविधान के भाग चार ‘ए’ के अनुच्छेद 51 ‘क’ में दिए गए हैं| इसमें अन्य बातों के अलावा यह कहा गया है कि नागरिकों का कर्तव्य है कि वह संविधान का पालन करें, स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय संघर्ष को प्रेरित करने वाले आदर्शों का अनुसरण करें, देश की रक्षा करें और कहे जाने पर राष्ट्रीय सेवा में जुट जाएं| धर्म, भाषा और क्षेत्रीय तथा वर्ग संबंधि विभिन्नताओं को बुलाकर सदभाव और भाईचारे की भावनाओं को बढ़ावा दें|

राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत

संविधान में निहित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत यधपि न्यायालयों द्वारा लागू नहीं कराया जा सकते| तथापि वे देश के प्रशासन का मूलभूत आधार है और सरकार का यह कर्तव्य है कि वह कानून बनाते समय इन सिद्धांतों का पालन करें\ यह सिद्धांत संविधान के भाग 4 के अनुच्छेद 36 से 51 में दिए गए हैं| उनमें कहा गया है- सरकार ऐसी प्रभावी सामाजिक व्यवस्था कायम करके लोगों के कल्याण के लिए प्रोत्साहन देने का प्रयास करेगी, जिससे राष्ट्रीय जीवन के सभी क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक न्याय का पालन हो| सरकार ऐसी नीति निर्देशन करेगी जो सभी स्त्री पुरुषों को जीवनयापन के लिए यथेष्ट अवसर दें, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा अपनी आर्थिक क्षमता, विकास की सीमाओं के अनुसार सबको काम तथा शिक्षा दिलाने की प्रभावी व्यवस्था करें और बेरोजगारी, बुढ़ापे, बीमारी तथा अपंगता या अन्य प्रकार की अक्षमता की स्थिति में सबको वित्तीय सहायता दे| सरकार श्रमिकों के लिए निर्वाह- वेतन, कार्य की मानवोचित दशाओं, रहन सहन के अच्छे स्तर तथा उधोगों के प्रबंधन में उनकी पूर्ण भागीदारी के लिए भी प्रयतन करेगी|

आर्थिक क्षेत्र में, सरकार को अपनी नीति इस ढंग से लागू करनी चाहिए जिससे कि समाज के भौतिक संसाधनों पर अधिकार और उनका लोगों के बीच इस प्रकार वितरण हो कि वे सभी लोगों के कल्याण के लिए उपयोगी सिद्ध हो और यह सुनिश्चित हो कि आर्थिक व्यवस्था को लागू करने के परिणामस्वरुप सर्वसाधारण के हितों के विरुद्ध धन और उत्पादन के साधन कुछ भी लोगों के पास केंद्रीय नहीं हो सके|

कुछ अन्य महत्वपूर्ण निर्देशांक:-

  1. बच्चों को स्वास्थ वातावरण में विकास के लिए अवसर तथा सुविधाएं उपलब्ध कराना|
  2. 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था करना|
  3. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देना|
  4. ग्राम पंचायतों का गठन: करना कार्यपालिका से न्यायपालिका को अलग रखना|
  5. संपूर्ण देश के लिए समान नागरिक संहिता की घोषणा|
  6. राष्ट्रीय स्मारकों की सुरक्षा: समान अवसरों के आधार पर न्याय को बढ़ावा देना|
  7. नि:शुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था|
  8. पर्यावरण की सुरक्षा तथा सुधार|
  9. वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा|
  10. राष्ट्रों के बीच न्यायोचित भाषा तथा समानतापूर्ण संबंधों को प्रोत्साहन|
  11. अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संधियों की शर्तों का साम्मान एवं अंतरराष्ट्रीय विवादों को मध्यस्थता द्वारा निपटाने को बढ़ावा देना|

कार्यपालिका

केंद्रीय कार्यपालिका के अंतर्गत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक मंत्रीपरिषद होता है, जो राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देता है|

राष्ट्रपति

राष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचन मंडल के सदस्य अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर एकल हस्तांतरणीय मत द्वारा करते हैं| इस निर्वाचन मंडल में संसद के दोनों सदनों तथा राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं| राज्यों के बीच आपस में समानता तथा राज्य और केंद्रों के बीच समानता बनाए रखने के लिए प्रत्येक मत को उचित महत्व दिया जाता है| राष्ट्रपति को अनिवार्य रूप से भारत का नागरिक, कम से कम 35 वर्ष की आयु तथा लोकसभा का सदस्य बनने का पात्र होना चाहिए| राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है तथा पुनर्निर्वाचित किया जा सकता है| संविधान के अनुच्छेद-61 में निहित प्रक्रिया द्वारा उन्हें पद से हटाया जा सकता है| वह उपराष्ट्रपति को संबंधित स्व-हस्तलिखित पत्र द्वारा पद त्याग कर सकते है|

कार्यपालिका के समस्त अधिकार राष्ट्रपति में निहित है| वह उनका उपयोग संविधान के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ सरकारी अधिकारियों द्वारा कराते है| रक्षा सेनाओं की सर्वोच्च कमान भी राष्ट्रपति के पास होती है| राष्ट्रपति को संसद का अधिवेशन बुलाने, उसका सत्रावसान करने, संसद को संबोधित करने तथा संदेश भेजने, लोकसभा को भंग करने, दोनों सदनों के अधिवेशन काल को छोड़ कर किसी भी समय अध्यादेश जारी करने, बजट तथा वित्त विधेयक प्रस्तुत करने की सिफारिश करने तथा विधेयकों को स्वीकृति प्रदान करने, क्षमादान देने, दंड रोकने अथवा उनमें कमी या परिवर्तन करने या कुछ मामलों में दंड को स्थगित करने, छूट देने या दंड को बदलने के अधिकार प्राप्त होते हैं| किसी राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के विफल हो जाने पर राष्ट्रपति उस सरकार के संपूर्ण या कोई भी अधिकार अपने हाथ में ले सकते हैं|

यदि राष्ट्रपति को इस बारे में विश्वास हो जाए कोई ऐसा गंभीर संकट पैदा हो गया है जिससे देश अथवा उसके किसी भी बात की सुरक्षा को युद्ध अथवा बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह का खतरा उत्पन्न हो गया है, तो वह देश में आपात स्थिति की घोषणा कर सकते हैं|

उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल हस्तांतरणीय मत द्वारा एक निर्वाचन मंडल के सदस्य करते हैं| निर्वाचन मंडल में दोनों सदनों के सदस्य होते हैं| उपराष्ट्रपति को अनिवार्य रूप से भारत का नागरिक, कम से कम 35 वर्ष की आयु का और राज्यसभा का सदस्य बनने का पात्र होना चाहिए| उनका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है और इन्हें इस पद का पुननिर्वाचित किया जा सकता है| संविधान के अनुच्छेद-67 (ख) में निहित कार्यविधि द्वारा उन्हें पद से हटाया जा सकता है|

उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं| जब राष्ट्रपति बीमारी या किसी अन्य कारण से अपना कार्य करने में असमर्थ हों या जब राष्ट्रपति की मृत्यु या पद त्याग या पद से हटाया जाने के कारण राष्ट्रपति का पद रिक्त हो गया है, तब छह महीने के भीतर नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक वह राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर सकते हैं| ऐसी स्थिति में वह राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य नहीं कर सकते|

मंत्रिपरिषद्

कार्य-संचालन में राष्ट्रपति की सहायता करने तथा उन्हें परामर्श देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक मंत्रिपरिषद् की व्यवस्था है| प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं तथा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के परामर्श से करते हैं मंत्रिपरिषद् संयुक्त रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होते हैं| प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वह केंद्र के कार्यों के संचालन के संबंध में मंत्रिपरिषद् के निर्णय, कानून बनाने के प्रस्तावों तथा उनसे संबंधित जानकारियों से राष्ट्रपति को अवगत कराते रहें| मंत्रिपरिषद् में कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), राज्यमंत्री तथा उपमंत्री होते हैं|

विधायिका

केंद्र की विधायिका को ‘संसद’ कहा जाता है| इसमें राष्ट्रपति, दोनों सदनों (लोकसभा तथा राज्यसभा) शामिल है| संसद के दोनों सदनों की बैठक पिछली बैठक के 6 महीने के भीतर बुलानी होती है| कुछ अवसरों पर दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन किया जाता है|

राज्यसभा

संविधान में व्यवस्था है की राज्यसभा में साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा आदि क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव रखने वाले 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करेंगे तथा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुने हुए सदस्यों की संख्या 238 से अधिक नहीं होगी| राज्यसभा के सदस्यों का विवरण परिशिष्ट में दिया जाता है|

राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष होता है; राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों का चुनाव राज्यों की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्यों द्वारा एकल हस्तांतरणीय मतों के आधार पर अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिए किया जाता है| केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों का चुनाव संसद द्वारा निर्धारित कानून के अंतर्गत किया जाता है| राज्यसभा कभी भी भंग नहीं होती और उसके एक-तिहाई सदस्य हर 2 वर्ष के बाद अवकाश ग्रहण करते हैं|

लोकसभा

लोकसभा के सदस्य व्यस्क मताधिकार के आधार पर लोगों द्वारा सीधे चुने जाते हैं| संविधान में लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या अब 552 है 530 सदस्य राज्यों और 20 सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा राष्ट्रपति को आंगल भारतीय (एंग्लो इंडियन) समुदाय के दो व्यक्तियों को उस हालत में मनोनीत करने का अधिकार होता है, जब उन्हें ऐसा लगे लगे की सदन में इस समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है|

लोकसभा के लिए विभिन्न राज्यों की सदस्य संख्या का निर्धारण किस प्रकार किया जाता है कि राज्य के लिए निर्धारित सीटों की संख्या और उस राज्य की जनसंख्या का अनुपात, जहां तक व्यवहारिक रूप से संभव हो, सभी राज्यों में समान हो|

वर्तमान लोकसभा के 543 सदस्य हैं| इनमें से 530 सदस्य राज्यों से तथा 13 सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों से सीधे चुने गए हैं| 84वें संविधान संशोधन विधेयक 2001 के तहत विभिन्न राज्यों में लोकसभा की वर्तमान सीटों की कुल संख्या का निर्धारण 1971 की जनगणना के आधार पर किया गया है तथा 2026 के बाद की जाने वाली पहली जनगणना तक इसमें कोई फेर-बदल नहीं किया जाएगा|

लोकसभा का कार्यकाल, यदि उसे भंग न किया जाए, सदन की पहली बैठक की तिथि से लेकर 5 वर्ष होता है| किंतु यदि आपात स्थिति लागू हो तो यह अवधि संसद द्वारा कानून बनाकर बढ़ाई जा सकती है| परंतु यह वृद्धि एक समय पर 1 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती और आपात स्थिति समाप्त होने के बाद किसी भी हालत में 6 महीने से अधिक समय तक नहीं हो सकती है|

Rajasthan GK in Hindi part-8

2476. जनगणना 2011 के अनन्तिम आँकड़ों के अनुसार राजस्थान के किस जिले में साक्षरता सर्वाधिक है-
A. भीलवाड़ा B. चुरू C. कोटा D.अजमेर
Ans.c
2475. जनगणना 2011 के अनन्तिम आँकड़ों के अनुसार राज्य का जनसंख्या घनत्व कितना रहा हुई-
A. 202 B. 201 C. 206 D.195
Ans.b
2474. जनगणना 2011 के अनन्तिम आँकड़ों के अनुसार राज्य में पुरुष साक्षरता में कितने प्रतिशत वृद्धि हई है-
A. 1.53% B. 2.35% C. 3% D.1.64%
Ans.d
2473. जनगणना 2011 के अनन्तिम आँकड़ों के अनुसार राज्य में साक्षरता दर कितने प्रतिशत रही?
A. 67.06% B. 62.66% C. 72% D.63.05%
Ans.a
2458. जनगणना 2011 के अनन्तिम आँकड़ों के अनुसार राजस्थान के किस जिले की साक्षरता दर सबसे कम रही-
A. बीकानेर B. भरतपुर C. जालौर D.डूंगरपुर
Ans.c
2457. जनगणना 2011 के अनन्तिम आँकड़ों के अनुसार राजस्थान की जनसंख्या 2001 की अपेक्षा कितने प्रतिशत वृद्धि हई है-
A. 16.4% B. 22.8% C. 17.6% D.21.44%
Ans.d
2445. जनगणना 2011 के अनन्तिम आँकड़ों के अनुसार राजस्थान के किस जिले में लिंगानुपात सबसे कम रहा-
A. टोंक B. धौलपुर C. अलवर D.अजमेर
Ans.b
2444. भारत की पहली जल विद्युत परियोजना 1902 में कहाँ स्थापित की गई?
A. रिहन्द B. भाखड़ा नांगल C. दामोदर घाटी D.शिवसमुद्रम
Ans.d
2432. पोंग बांध किस नदी पर बनाया गया है?
A. व्यास B. ताप्ती C. कोसी D.सतलज
Ans.a
2431. राज्य में लाख उद्योग के प्रमुख केंद्र है-
A. जयपुर- उदयपुर B. करौली- दौसा C. जोधपुर- पाली D.जयपुर- टोंक
Ans.a

Rajsthan GK in Hindi Part-5 (राजस्थान का भूगोल)

2420. मशीनों द्वारा दालों को मोगरा बनाने कारखाना है-
A. बीकानेर जिले में B. टोंक जिले में C. जोधपुर जिले में D.उदयपुर जिले में
Ans.d


2419. राज्य में कीटनाशी रसायनों का निर्माण कहाँ पर होता है?
A. उदयपुर B. चितौड़गढ़ C. झुंझुनूं D.अलवर
Ans.a


2418. राजस्थान राज्य में सर्वप्रथम सती प्रथा को जिस जिले में निषेधित किया गया है, वह है-
A. बूंदी B. जोधपुर C. पाली D.डूंगरपुर
Ans.a


2406. सीमेंट उत्पादन में राजस्थान का देश में कौनसा स्थान है?
A. पहला B. दूसरा C. तीसरा D.सातवाँ
Ans.c


2405. राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का प्रमुख केंद्र है?
A. जयपुर B. अजमेर C. अलवर D.कोटा
Ans.c


2393. वर्ष 2011 के अनुसार राज्य में साक्षरता का प्रतिशत है-
A. 61.40 B. 67.06 C. 68.94 D.65.30
Ans.b


2392. जनसंख्या की दृष्टी से राजस्थान का देश में कौनसा स्थान है?
A. सातवाँ B. आठवाँ C. नौवाँ D.दसवाँ
Ans.b


2380. राज्य का वह जिला जिसमें सबसे अधिक वन्य जीव अभ्यारण्य है-
A. उदयपुर B. सवाई माधोपुर C. अलवर D.कोटा
Ans.a


2379. पीवण किस प्रजाति का जीव है-
A. अजमेर B. घडियाल C. सर्प D.चूहा
Ans.c


2367. राज्य में मुर्गीपालन प्रशिक्षण केंद्र कहाँ स्थित है-
A. भरतपुर B. टोंक C. जयपुर D.अजमेर
Ans.d