Bullet Train in India

भारत में बुलेट ट्रेन की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व जापान के प्रधान मंत्री शिंजो आबे ने 14 सितम्बर 2017 को गुजरात के अहमदाबाद में रखी| यह बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुम्बई के बीच चलेगी| इसकी रफ्तार 250 किमी.प्रति घंटा होगी|जिससे अहमदाबाद से मुम्बई के बीच की 500किमी. की दूरी 2 घंटे में पूरी हो सकेगी|

भारत में बुलेट ट्रेन को कुछ लोग विकास का बड़ा कदम मानते है और कुछ लोग गैर जरूरी प्रोजेक्ट| आलोचकों का कहना है कि बुलेट ट्रेन पर लगने वाली लागत को यदि वर्तमान रेलवे सिस्टम पर खर्च किया जाए तो बहुत सारी यात्री सुविधाएं बढाई जा सकती हैं जैसे- जहां रेल कनेक्टिविटी नहीं है वहां पर नई रेल परियोजना,यात्री सुरक्षा आदि| इसी प्रकार की आलोचनाए दिल्ली मैट्रो के समय दी गई थी कि क्या हमारे पास ऐसी विलासिता पर खर्च करने लायक पैसा है?,लेकिन आज देखे तो 7 शहरों में आज मैट्रो चल रही है और 24 शहरों में मैट्रो प्रोजेक्ट चल रहे हैं|

लेकिन लागत-लाभ के आधार पर किसी प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कैसे हो सकता है|,बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट की लागत तो मौटे तौर पर 1.1 लाख करोड है जिसका 80% तो हमें 0.1 फीसदी ब्याज पर मिल रहा हैं जो कि 50 साल में चुकाना होगा|अन्य सारी परियोजनाओं की तुलना में यह सस्ता प्रोजेक्ट है|

लेकिन इसके अन्य फायदे भी है जैसे-इससे मिलने वाली आमदनी,रोजगार और साथ ही साथ जापान जैसा दोस्त|

जापानी प्रधानमंत्री ने तो कहा कि यदि जापान का JA और इण्डिया का I मिल जाए तो जय बनता है जो विजय का प्रतीक है जिससे भारत जापान के बीच रणनीतिक भागीदारी बढ़ेगी|क्योकि अभी हमनें कुछ समय पहले चीन के ओ आर ओ बी प्रोजेक्ट व डोकलाम प्रकरण का सामना किया है|

बुलेट ट्रेन एक ऐसा प्रोजेक्ट है जो दुनिया को संदेश देता है कि भारत में बदलाव की रफ्तार जबरदस्त है,ऐसा संदेश न सिर्फ देश के प्रति धारणा बदलता है बल्कि ऐसा माहौल भी निर्मित करता है जिससे विदेशियों की नजर हम पर पडती है फिर चाहे वे निवेशक हो या पर्यटक|

बुलेट ट्रेन भारत में केवल रेल सेवा को ही सुधार नही देगी बल्कि भारत में बदलाव की प्रक्रिया को तेज कर देगी ताकि वह एक आधुनिक/विकसित देश के रूप में विश्व मंच पर उभर सके|