Bal Gangadhar Tilak -His life in Hindi

तिलक को लोग प्राय:`लोकमान्य और बेताज बादशाह’ के नाम से जानते हैं|तिलक का जन्म महाराष्ट्र (रत्नागिरी)के एक मराठा ब्राह्मण वंश में हुआ था|

1897 में कानून से स्नातक करने के पश्चात तिलक ने आगरकर के सहयोग से ऐसी संस्थाएं बनाने की सोची जोकि मूल्यों की शिक्षा डे सकें| जनवरी 1900 में इन्होने पूना नवीन इंग्लिश विद्यालय स्थापित किया| ये दक्कन एज्युकेशनल सोसायटी और फर्ग्युसन कॉलेज पूना की स्थापना से भी सम्बन्धित थे|

तिलक प्रथम राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होनें जनता से निकट सम्बन्ध स्थापित करने का प्रयत्न किया और इस दृष्टि में वे महात्मा गांधी के भी अग्रगामी थे|इस उद्देश्य से इन्होनें अखाड़े,लाठी क्लब,गो-हत्या विरोधी सभाएं स्थापित की|शिवाजी और गणपति त्यौहार प्रारम्भ किए जिससे जनता में राष्ट्र सेवा की भावना जाग सके|इसके साथ-साथ उन्होनें दो समाचार पत्र 1981 में The Maharattaa  अंग्रेजी में और केसरी मराठी में शुरू किये|

तिलक नेलाला लजत राय व विपिनचंद्र पल के साथ मिलकर राष्ट्रवादी दल अथवा उग्रवादी दल का गठन किया|इनके उग्रवादी विचारों के कारण ही 1907 में कांग्रेस का विभाजन हो गया|

तिलक ने ही सर्वप्रथम स्वराज की मांग की थी|उनके शब्दों में `स्वराज्य मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मै इसे लेकर रहूंगा|’जिसके कारण देश के कौने-कौने तक उत्तेजना की एक नी लहर उत्पन्न हो गई थी|इनकी प्रमुख पुस्तक गीता रहस्य थी|

इनकी मृत्यु 1920 में हो गई थी|